एक समय की बात है एक भूले बिसरे महल में चार साह सेनर किया थी चारो की कुछ खौईश है जो उनुने एक एक करके मांगी पहले ने मांगी शौहरत दूसरी ने प्यार तीसरी ने सुकून और चौथी ने मांगे हीरे
मगर हर खौईश की कीमत होती है
| CmFm|
| A#m7| CmD#|
| FmA#m7Cm| FmA#m7| CmFmD#|
| FmA#m7| CmFm|
VERSE
ना रखे तू पूरा असर्णे ले दे तू सूब हो तू शुरू है
यू बिन् बॉइन अप मा फॉल असता मेरी बातो पे तू है मैं जो भी कहूँ पड़ा
भीचे बर इस्कार क्यूट हू मैं तेरा पे तू गार इस्पेल आण यू बैकी बैकी बाते जो तो करने लगा क्या
CHORUS
मेरा ही कसूर है, मेरा ही कसूर है खोया तू खयानो में यू रहने लगा क्या मेरा ही कसूर है, मेरा ही कसूर है बैकी
बैकी बाते जो तू करने लगा क्या मेरा ही कसूर है, मेरा ही कसूर है खोया तू खयानों में यू रहने लगा मेरा
ही कस्मूर है, मेरा ही कस्मूर है मेरा ही कस्मूर है,
| CmFmD#|
मेरा ही कस्मूर है
VERSE
अना है घर, ताशका तू जाता बेखर, जो मैं पास आओं एक मंजर, मैं गुमा दू तेरी
सारी दुन्या यू
| A#m7D#| CmFm| A#m7Cm|
| C#M7Cm| FmCmA#m7Cm|
BRIDGE
क्या मेरा ही कसूर है? क्या मेरा ही कसूर है?
क्या मेरा ही कसूर है? क्या मेरा ही कसूर है? क्या मेरा ही कसूर है? क्या मेरा ही कसूर है? क्या मेरा