गुस्ता भीना, कुछ तुम करो, कुछ हम करें इस्ते लाओ خو شرم کے دو سائر جو مو پیلے ہم سے آ जब सुशों में तेरी सुशें भुली को फिर सुड़ने डगे यह सास मेरे मुझसे कहने लगे हवा हु में तेरे याके जहाँ रो यूसे मटने लगे सेलाव जैसे कुई बहने लगे खोया हु में अगुष में तू भी कहां अगुष में matmari yaad ki hona suha beit haan beit haan du pyar kare beit haan dekha karoon دیگا کرو ساری عمرے بھرنشان بھرنشان بھرنشان بھرنشان